कृष्ण सुदामा मिलन की झांकी दर्शाई गई..
बोकारो सेक्टर-3/E स्थित हनुमान व शिव मंदिर के प्रांगण में दिनांक 6 अप्रैल से 12 अप्रैल तक श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया। इस आयोजन में वाराणसी के स्वामी श्री कृष्णकांत शास्त्री जी कथा व्यास कर लोगों को भगवान की महिमा से परिचित करा रहे हैं।
आज इस दौरान उन्होंने कहा कि वृंदा वन में भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के बीच दोस्ती का एक मिसाल है। भगवान कृष्ण जितने राधा से प्रेम करते थे उतने ही सभी गोपियों से प्रेम रखते थे। स्वामी श्री कृष्णकांत शास्त्री जी ने यह भी कहा कि श्रीमद्भगवत गीता चार शब्द से बना है। यह प्रधान पुराण है इसके पूर्व वेद व्यास ने कई पुराणों की रचना की है लेकिन श्रीमदभागवत उनकी अंतिम व सर्वोच्च रचना है। यह समस्त वेदों का सार है।
वहीं स्कूली छात्रा- छात्राओं ने भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा की झांकी के साथ साथ कृष्ण सुदामा मिलन की झांकी दर्शाई। भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा की झांकी को देख हर कोई गदगद हो गया। झांकी के दौरान पूरे पंडाल में जय श्रीगणेश एवं जय श्रीकृष्ण के जयघोष गूंजने लगे।
करीब दो घंटों तक चलने वाले इस कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने कई भजनों पर अपनी प्रस्तुति देकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मौके पर यज्ञ समिति की ओर कमलेश राय, अशोक सिंह, अनिल सिंह, देवेन्द्र सिंह, देवेन्द्र राय, उपेन्द्र सिंह, विनायक सिंह, आनंद, प्रेम सिंह आदि उपस्थित रहे।





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