टीबी मरीज हेतु ऑनलाइन डोनेशन में जमां हुए कुल 17059.45 रुपये..
मित्रों 5 मार्च की रात्रि से बोकारो अपडेट्स पर चल रहे टीबी डोनेशन ड्राइव में कुल 17059.45 रुपये विभिन्न माध्यमों से जमां हुए हैं। बता दें की इस पुरे डोनेशन ड्राइव में सैकड़ों लोगों ने अपना योगदान दिया और बोकारो अपडेट्स टीम आप सभी लोगों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता है।
अब अगला अपडेट :
जैसा की आप सब जानते हैं की हम जिस टीबी मरीज के लिए ये डोनेशन ड्राइव चला रहे थे, उसे बेहतर इलाज के लिए वेल्लोर जाना था। परंतु पैसे के आभाव के कारण इलाज सम्भव नहीं दिख रहा था। हमारे डोनेशन ड्राइव की शुरुआत होने के बाद लोग मदद के लिए आगे आये और कुछ ने अपने ज्ञान और अनुभव का भी योगदान दिया। हालाकिं हम मरीज के इलाज हेतु निर्धारित रकम जमां नहीं कर पाए, पर इस बीच हमें मरीज के इलाज हेतु सही सलाह भी मिली।
अब बोकारो अपडेट्स पेज से जुड़े एक डॉक्टर की सलाह पर उक्त टीबी मरीज इलाज के लिए Vallabhbhai Patel Chest Institute, University of Delhi जा रहे हैं। चूँकि वहां इलाज का खर्च कम है साथ ही बेहतर ईलाज की व्यवस्था भी है, मरीज 17 मार्च को परिवार के साथ दिल्ली जा रहे हैं। इतना ही नहीं हमारे पेज से जुड़े एक शुभचिंतक ने मरीज के परिवार को दिल्ली में रहने तथा खाने की पूरी व्यवस्था करने का वादा भी किया है। हम आशा करते हैं की आप बोकारो वासियों की दुआ उस मरीज के साथ होगी और वो जल्द स्वस्थ होकर लौटेंगें।
साथ ही बोकारो अपडेट्स ने जो वादा किया था, की हम इस डोनेशन ड्राइव को पूरी तरह से पारदर्शी रखेंगें। हम अभी तक के सभी डोनेशन का विवरण आपको दे रहें हैं साथ ही कुल अनुदान में आये पैसों का खर्च भी आगे सार्वजनिक किया जाएगा।
दिनांक 15 मार्च तक के कुल अनुदान का विवरण
पेटीएम (99XXXX4064) के माध्यम से : 9569.45 रुपये
पेटीएम (92XXXX2613) के माध्यम से : 3460 रुपये
पेटीएम (70XXXX6800) के माध्यम से : 305 रुपये
मरीज के भाई के अकाउंट के माध्यम से : 3700 रुपये
और एक एसबीआई बडी से ट्रान्सीक्शन हुआ : 25 रुपये
इसमें पेटीएम के माध्यम से आये सभी पैसों का विवरण तुरंत कमैंट्स में दे दिया गया था, रही बात बोकारो अपडेट्स की तो हमारा यह प्रयास सिर्फ इस परिवार के लिए नहीं रहेगा। आज जमाना डिजिटल है तथा हमने इस मुहीम को चला कर देख लिया की जिस परिवार की मदद के लिये हाँथ नहीं थे आज फेसबुक और पेटीएम के कारण सैकड़ों की संख्या में अजनबियों ने उनका हाँथ थाम लिया है। एक रुपये, तीन रुपये, दस रुपये, बीस रुपये, सौ रुपये, पाँच सौ रूपये, हजार रुपये और एक ने तो इक्कीस सौ रुपये का भी अनुदान दिया। अब यह बूँद-बूँद का सहयोग परिवार के लिए हिम्मत साबित हो रहा है।
उम्मीद है की हमारे और आपके प्रयास से हम एक जान बचा सकेंगें साथ ही इस तरह के मुहीम को हम आगे भी इस विश्वास के साथ चलाते रहेंगें की हमारे लिए हर जान कीमती है और हम किसी का भी हाथ नहीं छोड़ेंगें...
डोनेशन देने के कारणों का एक संक्षिप्त विवरण आप निचे फेसबुक के पोस्ट पर पढ़ सकते हैं या फिर इस लिंक पर भी क्लिक कर पढ़ा जा सकता है।

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