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होली में गुझिया खाएं, तो जरा संभल कर..

होली में औसतन हर घर में खोया (मावा) का इस्तेमाल गुझिया बनाने में होता है। परंतु इस दौरान नकली खोया का बाजार भी गर्म रहता है। कोलकाता, इटावा और कानपुर से नकली मंगाया जाता है जो बाजार में 80 से 100 रुपए किलो की दर से बिकता है जबकि असली खोया का बाजार भाव 250 से 300 रुपए किलो के बीच है। मिठाई की छोटी दुकानों में इसी खोया का इस्तेमोल होता है। बाजारों में अभी से इसकी जमाखोरी शुरू हो जाती है। 


बता दें की नकली खोये में मिलावट के लिए आलू, मैदा के अलावा घटिया मिल्क पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है तथा चिकनाहट लाने के लिए रिफाइंड का प्रयोग किया जाता है। वहीं खोये में महक के लिए मिलावट सेंट का इस्तेमाल करते हैं। मिलावटी खोये की पहचान के लिए खोये में आयोडीन की दो से तीन बूंदे डालें। अगर यह काला पड़ जाए तो समझ लें कि यह मिलावटी है। साथ ही खोया दानेदार हो तो, उसमे भी मिलावट हो सकता है। इसकी पहचान के लिए उंगलियों के बीच खोये को मसलें, उसमें दाने जैसे लगे तो समझ ले खोया मिलावटी है।


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