धनबाद व बोकारो को जोड़ने वाली, तेलमच्चो ब्रीज क्षतिग्रस्त..
बोकारो से धनबाद को जोड़ने वाली एकमात्र तेलमच्चो ब्रिज का ‘तेल’ निकल चुका है। आज सुबह इस ब्रीज का बड़ा हिस्सा टूट कर दामोदर नदी में गिर गया। इसके बाद इस पर यातायात रोक दिया गया। हांलाकि नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआइ) के इंजीनियरों की जांच के बाद इसपर छोटे वाहनों को आने-जाने की इजाजत दे दी।
बता दें की तेलमच्चों ब्रीज 50 वर्ष पुरानी है। वर्ष 1982 में तत्कालीन बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र ने इसका उद्घाटन किया था। नेशनल हाइवे-32 में आने वाला यह ब्रिज बोकारो की लाइफ लाइन है। यह ब्रीज धनबाद व बोकारो के बीच इंडस्ट्रियल रूट पर स्थित है।
इस पर से होकर प्रति दिन बोकारो के स्टील प्लांट और बोकारो थर्मल पावर प्लांट के साथ-साथ धनबाद में मौजूद कोल वासरी के लिए माल ढोने वाले हजारों ट्रक गुजरते हैं। बिहार, बंगाल, ओडिशा को झारखंड से जोड़ने वाले यह ब्रिज अब तकनीकी तौर पर काफी कमजोर हो गया है।
इस ब्रीज के क्षतिग्रस्त होने के बाद धनबाद से बोकारो होते हुए रांची जाने का रास्ता 35 किलोमीटर लंबा हो गया है। जबतक यह ब्रिज ठीक नहीं हो जाता, तबतक धनबाद से रांची जाने वाले बड़े वाहनों को चंदनकियारी होकर जाना पड़ेगा। इसके साथ ही बोकारो स्टील प्लांट से एनएच-2 से कोलकता जाना 70 किलोमीटर लंबा हो गया है। अब बोकारो की ओर से जाने वाले ट्रकों को बरही होते हुए कोलकता जा पड़ रहा है।
(P.C : Shubham)
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