बोकारो के लाल शहीद अभय पंचतत्व में विलीन..
सुकमा में हुए नक्सली हमले में शहीद बोकारो के लाल अभय कुमार चौधरी बुधवार को अपने पैतृक गांव महनार के हसनपुर गंगा घाट में पंचतत्व में विलीन हो गए। इस बीच बोकारो से लेकर वैशाली जिला स्थित अभय के पैतृक गांव तक पूरा माहौल गमगीन हो गया। पिछले 10 मार्च को ही पत्नी के साथ अभय ने अपनी शादी की पहली सालगिरह मनायी थी और 24 अप्रैल को खबर आयी की अभय शहीद हो गया।
बता दें की छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों और सीआरपीएफ के बीच हुए मुठभेड़ में शहीद हुए बोकारो के जवान अभय कुमार चौधरी का बोकारो से गहरा नाता रहा है। सेक्टर-1/C में एक आउट हाउस में रहकर अभय ने बीएसएल स्कूल में प्रारंभिक कक्षा की पढ़ाई करते हुए सेक्टर-8/C स्कूल से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की थी। बचपन में ही अपने पिता की हत्या होने के बाद अभय ने देश भक्ति के जज्बे के साथ 2010 में सीआरपीएफ ज्वाइन किया था।
अभय को शुरु से ही फौज में जाने की शौक था। चाचा के अनुसार वह अपनी पढ़ाई भी उसी अंजाद में करते थे ताकि फौज में उनका सिलेक्शन हो सके। इसके बाद अंतत उनका चयन सीआरपीएफ में हुआ और 24 अप्रैल को नक्सलियों के कायरतापूर्ण कार्रवाई में अभय सुकमा में शहीद हो गए। अभय के शहीद होने से जहां परिवार गमगीन हैं, वहीं उन्हें इस बात पर गर्व भी है कि, वो अपना फर्ज निभाते हुए शहीद हुए। फिलहाल अभय का छोटा भाई ननिहाल में रह कर पढ़ाई कर रहा है। मां रमा देवी अपने मायके में ही स्थानीय नर्स का काम करती हैं। वहीं अभय के दो चचेरे भाई भी सेना में है।
देखिये शहीद अभय के पैतृक गांव महनार से उनके अंतिम क्षणों का वीडियो..

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