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छह दिन बाद झारखण्ड में गहरा जाएगा बिजली संकट..

कोयले के अभाव में एनटीपीसी की कई यूनिटें बंद होने के कगार पर हैं। कल झारखण्ड के महगामा स्थित राजमहल हाउस में एनटीपीसी फरक्का के अधिकारीयों ने प्रेस वार्ता कर बताया है कि फरक्का पावर प्लांट के पास मात्र छह दिनों का ही स्टाॅक है। प्रतिदिन पावर प्लांट से 2100 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है एवं फरक्का एनटीपीसीपी को इसके लिए प्रतिदिन 9 से 10 रैक कोयले की जरूरत होती है। पहले राजमहल इसीएल से पांच रैक कोयला प्रतिदिन भेजा जाता था, परन्तु अब यह घट कर एक रैक हो गया है। कोयले के स्टाॅक के कारण फरक्का की यूनिटें बंद होने की स्थिति में हैं। ऐसे में छह दिनों बाद झारखंड सहित बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा एवं असम में बिजली संकट गहरा जायेगा।


अधिकारीयों ने बताया की इससे पहले अप्रैल से जून तक फरक्का में कोयला का स्टाॅक बरसात के समय में होनेवाली परेशानी को लेकर किया जाता था। फरक्का प्रोजेक्ट में कोयला का सबसे बड़ा स्रोत राजमहल कोल परियोजना है। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में कोयला की आपूर्ति नहीं होने से बिजली की आपूर्ति नौ प्रतिशत से घट कर दो प्रतिशत रह जायेगी। 


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