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छापेमारी कर तीन बाल श्रमिकों को कराया मुक्त..

बोकारो के विभिन्न होटलों, गैराज एवं अन्य जगहों पर काम कर रहे बच्चों की मुक्ति के लिए श्रमविभाग बोकारो ने बीते सोमवार अभियान चलाया। इस अभियान में राम मंदिर मार्केट, नया मोड़, सेक्टर चार आदि स्थानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान टीम को राम मंदिर के फल दुकान, नया मोड़ के लक्ष्मी होटल और सुभाष होटल में तीन बाल श्रमिक मिले। 


फिलहाल इन दुकानों से मुक्त कराए गए तीनों बच्चों को तत्काल आश्रय के लिए मानव सेवा आश्रम में रखा गया है। मुक्त कराये गए बच्चों में मुज्जफरपुर जिला के बेराई गांव निवासी बाबू राय का पुत्र बबलू कुमार, छपरा जिला के यादव पुर गांव निवासी विनोद मांझी के पुत्र भोला और छपरा के गांव मंचिटवा के सुभाष सिंह के पुत्र रोशन कुमार शामिल हैं। सभी के माता-पिता को सूचित कर दिया गया है, अब श्रम विभाग इनके माता पिता के आने के बाद उन्हें शपथ दिलाकर बच्चे उनके हवाले करेगी। वहीं बाल श्रम का मामला स्पष्ट हुआ तो सभी आरोपी दुकानदारों से श्रम विभाग 20 हजार रुपए अर्थदंड भी वसूलेगा।


मौके पर उप श्रमायुक्त ने सभी दुकानदारों से अपनी दुकान में बाल श्रमिक नहीं रखने से संबंधित प्रमाण पत्र का डिस्प्ले करने का निर्देश देते हुए कहा कि जिन दुकानों में डिस्प्ले नहीं होगा, उन दुकानों पर 30 हजार का अर्थदंड लगाया जाएगा। धावा दल में उप श्रमायुक्त प्रदीप रॉबर्ट लकड़ा, लेबर सुपरिटेंडेंट पुनीत मिंज, जिला श्रम कल्याण पदाधिकारी अनिल कुमार, एलओई मतियास टोप्पो और बाल कल्याण समिति के प्रभाकर कुमार शामिल थे। 


बता दें कि बोकारो शहर के विभिन्न दुकानों, ढाबों, गैराज आदि में बच्चों से मजदूरी करायी जाती है। समय-समय पर छापेमारी होने के बावजूद जिले में बालश्रम पर रोक नहीं लग पा रही है। दुकानदारों को छापेमारी की भनक लगती है, तो वे वहां से बच्चों को हटा देते हैं। ऐसे में गिने-चुने बच्चे ही धावा दल के हाथ लगते हैं। कुछ माता-पिता गरीबी की वजह से बच्चों को काम करने भेज देते हैं। एेसे में इसको लेकर जागरूकता फैलाने की भी जरूरत है।

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