यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर बंद रहे बैंक..
आज 13 सूत्री मांगों के समर्थन में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंककर्मी सांकेतिक हड़ताल पर रहे। आज के एकदिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भारत के दस लाख बैंक कर्मियों के साथ-साथ चास-बोकारो के भी सभी बैंक कर्मी पूर्णरूपेण हड़ताल पर रहे।
फलस्वरूप यहाँ का बैंकिंग व्यवस्था पूर्णतः ठप रहा। सरकारी क्षेत्र के सभी बैंकों में ताला लटक रहा एवं बैंक के अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण अपने अपने बैंकों के समक्ष बैनर टांग कर गेट के सामने नारेबाजी कर रहे थे। इसके अलावा निजी क्षेत्र के बैंकों के भी शटर बंद देखे गए।
इस हड़ताल की सफलता के लिए UFBU के नेताओं के द्वारा सभी बैंक कर्मियों को बधाई दी गयी साथ ही आम जनता के सहयोग के प्रति भी आभार व्यक्त किया गया। हड़ताल में एसबीआइ, को-ऑपरेटिव बैंक, बैंक ऑफ़ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, ग्रामीण बैंक सहित सभी राष्ट्रीयकृत व कुछ निजी बैंक भी शामिल थे। हड़ताल में AIBEA, AIBOC, NCBE, BEFI, AIBOA, INBEF, INBOC संगठन शामिल रहे।
आज आहूत बैंकों की हड़ताल से न केवल करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ बल्कि आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि सूत्रों की मानें तो एटीएम को दुरुस्त रखा गया, जिससे लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। इस हड़ताल से जहाँ बैंक कर्मियों ने अपनी चट्टानी एकता को प्रदर्शित किया वहीं हड़ताल के माध्यम से यूनियन द्वारा 11वें वेतन पुनरीक्षण पर वार्ता की शुरुआत, पेंशन में सुधार व नई पेंशन नीति के बदले पुरानी पेंशन योजना की बहाली, ग्रेच्यूटी सीलिंग की बढ़ोतरी, बैंकिंग एवं श्रम कानूनों के तथाकथित सुधारों पर रोक, ट्रेड यूनियन अधिकारों के हनन पर रोक, आउटसोर्सिग पर रोक आदि प्रमुख मांगें की गई।
आज के इस हड़ताल को स्थानीय स्तर पर सफल करने में मुख्य रूप से श्री एसएन दास, श्री कृष्ण मुरारी, श्री धनंजय कुमार, श्री एसएल महावार, श्री राघव कुमार सिंह, श्री पीके श्रीवास्तव, श्री विनोद कुमार, श्री राजेश ओझा, श्री विवास झा, श्री एसपी सिंह, श्री संजीव रंजन शर्मा, श्री प्रदीप कुमार, श्री ओपी वर्मा, श्री अवधेश प्रसाद, श्री राजेश श्रीवास्तव, श्री अशोक प्रसाद, श्री मनोज कुमार, श्री सुदीप कुमार पांडेय, श्री प्रदीप बेगी, श्री बीके भटाचार्य, श्री राजीव भारद्वाज, श्री प्रदीप झा, श्री राकेश मिश्रा, श्री एसएन ओझा, श्री गजेन्द्र कुमार, श्री अनिल कुमार आदि के अलावे सभी बैंककर्मियों जिसमें महिलाकर्मियों की भी उपस्थिति अपने-अपने बैंक शाखाओं के समक्ष सराहनीय रही।
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