बोकारो जिला प्रशासन ऑनलाइन..
बोकारो जिला प्रशासन इनदिनों जिले में सराहनीय कार्य कर रही है। आप चाहे जिले में डिजिटल अभियान, कैशलेश अभियान, स्वच्छता अभियान या फिर अन्य किसी भी अभियान की बात करें तो जिला प्रशासन बोकारो और बोकारो उपायुक्त की हर तरफ प्रसंशा हो रही है।
बता दें की बीते साल ऐसे ही सराहनीय कार्य के लिए दिसम्बर महीने में बोकारो उपायुक्त श्री राय महिमापत रे को कैशलेस अभियान में श्रेष्ठ कार्य करने हेतु माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा सम्मानित भी किया गया था। इतना ही नहीं यूनिसेफ ने भी बोकारो में शौचालय निर्माण के कार्यों को सराहा और एक माह में दस हज़ार शौचालय निर्माण करने वाला राज्य का पहला जिला बोकारो बना।
इसी क्रम में अब जिला प्रशासन ने कदम बढ़ाते हुए एक और नई पहल की शुरुआत की है। जिला प्रशासन बोकारो अब फेसबुक पर भी है। बोकारो उपायुक्त के निर्देश पर यह अकाउंट फेसबुक पर बनाया गया है और इसके बारे में बात करते हुए बोकारो उपायुक्त श्री राय महिमापत रे ने बताया की यह मूलतः फोटो शेयरिंग प्लेटफार्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका शीर्षक "कॉफी टेबल बुक" है जिसमे मुख्य रूप से तस्वीरों और चित्रों को शामिल किया गया है तथा यहाँ बोकारो के नागरिक बोकारो से जुडी तस्वीरें भेज सकते हैं।
बता दें की इससे पहले भी बोकारो के लोगों की समस्या दूर करने के लिए बोकारो उपायुक्त ने सोशल मीडिया पर इनिसिएटिव लेते हुए खुद का एक ट्विटर अकाउंट भी बनाया तथा इसके माध्यम से अब तक कई लोगों की समस्याओं का निपटारा ऑनलाइन ही हो गया।
ट्विटर पर डीसी को अपनी समस्या बताने के लिए आप उन्हें @BokaroDC और @rmray पर टैग कर सकते हैं। वहीँ व्हाट्सएप्प के जरिये आप उनके नं 9470526005 पर अपनी शिकायत बता सकते हैं।
इतना ही नहीं बोकारो के कई और अधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक भी खुद ट्विटर पर हैं और लोगों से सीधे संपर्क में हैं। कुल मिलकर बोकारो जिला प्रशासन द्वारा यह प्रयास है की बोकारो वासियों को छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार दफ्तर का चक्कर न लगाना पड़े।
bokaro.nic.in को भी दुबारा से विकसित किया जा रहा है और इसके लिए भी उपायुक्त ने बोकारोवासियों से ट्विटर के माध्यम से सुझाव माँगा है।
डीसी बताते हैं की सोशल मीडिया या व्हाट्सएप्प मौजूदा समय में फीडबैक प्राप्त करने का एक अहम् टूल है और इसके माध्यम से किसी भी काम को आसानी से तथा बेहतर तरीके से उसी समय और जिम्मेदारी पुर्वक किया जा सकता है। हालाकिं उनकी तरफ से कोई पब्लिक ग्रुप नहीं बनाया गया है, लेकिन सामाजिक समस्याओं से जुड़े कई सारे ग्रुप से वे जुड़े हुए हैं। इसमें मनरेगा, बोकारो योजना बचाओ अभियान, स्वच्छ बोकारो के अलावा जिले के अलग-अलग हिस्से के कई सारे ग्रुप से डीसी जुड़े हुए हैं। जिले के ऑफिसर्स से संपर्क के लिए भी गवर्नेंस का उनका अलग ग्रुप है। वे बताते हैं की पेंशन न मिलने के मसले, गन्दगी या फिर ऐसे मसले जिसका समाधान बात कर के निकला जा सकता है वे उसे सोशल मीडिया के माध्यम से ही निपटाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने बताया की उन्हें हर हफ्ते ऐसे दो-तीन मसले मिल ही जाते हैं साथ ही इस तरीके से वे जनता और प्रशासन के बीच की दुरी को कम करना चाहते हैं।
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