आपकी एक छोटी सी मदद किसी की जान बचा सकती है...
मित्रों इस पोस्ट को दो मिनट समय देकर जरूर पढ़ें। यह मामला बोकारो का है। पिछले दिनों बोकारो अपडेट्स टीम की मुलाक़ात एक परिवार से हुई। इस परिवार में एक युवक(उम्र 30)को टीबी(एमडीआर )है। हम इस पोस्ट में उक्त टीबी मरीज युवक का नाम और पता तो नहीं बता रहे है पर उससे मिलने के बाद की उसकी संक्षिप्त कहानी आपको बताने वाले है। हो सकता है की आपकी एक छोटी सी मदद से...जितना की सेक्टर-9 से सेक्टर-4 का ऑटो भाड़ा भी नहीं होगा... उतने में शायद इस युवक की जान बच सकती है।
इस परिवार आर्थिक हालात ठीक नहीं है। परिवार के मुखिया यानी मरीज के पिता सेल के बीएसएल प्लांट में कॉन्ट्रैक्ट लेबर का काम करते थे और अब वे इस दुनिया में नहीं हैं। परिवार में अब बस दो भाई, एक छोटी बहन और उनकी माँ हैं। दोनों भाई भी मजदूरी का काम करते हैं और उनमे से एक यानी की बड़े भाई अब टीबी में एमडीआर बिमारी से ग्रषित हैं।
टीबी की बीमारी कितनी संक्रामक और खतरनाक बिमारी है, ये आप सभी पाठकों को पता ही होगा। परंतु यहाँ इस परिवार के सदस्य को टीबी में भी एमडीआर हुआ है। यह सामान्य टीवी से कहीं अधिक खतरनाक है। दोस्तों हमें इस बिमारी के बारे में ज्यादा आपको बताने की जरुरत नहीं हैं। आप पाठक इन्टरनेट पर सर्च सकते हैं। साथ ही मरीज ने अब तक जिन-जिन अस्पतालों में ईलाज कराया है उसकी पर्चियों की फोटो भी इस पोस्ट में है।
परिवार पिछले कई महीनों से ईलाज कराते-कराते अब आर्थिक तंगी के कगार पर है। हमारी ही टीम की एक व्यक्ति की पहचान इस परिवार से पहले से थी, इस कारण हमें भी इस मुसीबत का पता चला। जब हम वहां गए तो मालुम हुआ की परिवार में इतनी गरीबी होते हुए भी, परिवार के किसी सदस्य ने बिमारी के कारण आई मुसीबत से लड़ने की हिम्मत नहीं तोड़ी है। बोकारो, जमशेदपुर, रांची, इटकी और फिर सदर अस्पताल तक जा-जा कर ईलाज कराया गया है। आज से एक-दो हफ्ते पहले तक मरीज का ईलाज सदर अस्पताल में ही चल रहा था, परतुं उसके बाद हालत ज्यादा ख़राब होने पर डॉक्टरों ने मरीज बीजीएच जाने की सलाह दी, जहाँ से उसे वेल्लोर रेफर कर दिया गया। रेफेर की पर्ची का फोटो निचे पोस्ट है।
परिवार वालों के अनुसार अब वेल्लोर जान-आने तथा वहाँ ईलाज कराने का खर्च लगभग 50 से 60 हजार रूपये तक आएगा, जो की इस परिवार के बस की बात ही नहीं है। हमारी टीम अभी तक अपने जान-पहचान के लोगों से चंदा लेकर उक्त मरीज के लिए पैसे का इंतजाम करने में लगी थी। मगर पिछले 11 दिनों से चल रहा हमारा प्रयास सफल होते नहीं दिख रहा इस कारण आज बोकारो अपडेट्स में यह पोस्ट किया गया है।
हम मानते हैं की एकबार में हजार-दो हजार किसी को ऐसे ही देना संभव नहीं हैं। लेकिन इस पेज में कुल 44 हजार लोग हैं और अगर हम सभी अपना कुछ चेंज, केवल 4 से 5 रुपये इस परिवार को दे दें तो शायद टीबी से किसी की जान बच जाए। दोस्तों हम इस डोनेशन ड्राइव को पूरी तरह से पारदर्शी रखेंगें। किसने कितने पैसे दिए उसका लिस्ट, हम अपने अगले पोस्ट पर जारी करेंगें साथ कुल अनुदान में आये पैसों का खर्च भी सार्वजनिक किया जाएगा।
बोकारो अपडेट्स की टीम ने मरीज तथा उनके घर वालों को पेटीएम के बारे में बताया है तथा इस्तेमाल करना सिखा दिया है। अब आप मरीज के Paytm नं 7061956800 पर अनुदान भेज सकते हैं। या फिर आप मरीज के छोटे भाई के अकाउंट में भी पैसे डाल सकते हैं। अकॉउंट डिटेल्स निचे दिया गया है...
Name : Amit Bhagat
A/c no : 479510110012677
BANK OF INDIA
IFSC : BKID0004795
पाठकों हो सकता है हमारे इस पोस्ट पर कई नेगेटिव कमेंट भी आये, कई ऐसे भी हो सकते हैं की इसे पैसा कमाने का नया फंडा बताये। लेकिन अंततः हमारा आप सभी से यही कहना है की अंग्रेजों ने हम पर दो सौ साल राज किया है। जानते हैं कैसे???
डिवाइड एंड रूल... हमको बांट कर हमपर राज किया। किसी की मुसीबत और टीबी के खिलाफ जंग में भी हम बटे हुए हैं। टीबी में राजा के लिए अलग इलाज और प्रजा के लिए अलग इलाज वैसे ही मुसीबत आने पर भी कोई साथ देता है तो कोई इसे बहाना बता कर आपसे अलग हो जाएगा। मगर हमें टीबी के खिलाफ ये जंग जीतनी है। एक बात साफ़ समझनी होगी या तो एक दिन हम सब तैरेंगे या हम सब डूबेंगें। इस विश्वास के साथ की हमारे लिए हर जान कीमती है और हम किसी का भी हाथ नहीं छोड़ेंगें...हम उम्मीद करते हैं की आप सभी हमारी मदद करेंगें। धन्यवाद..
#Team Bokaro Updates







I am with you.
ReplyDeletegood job sir jee ������
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