शब्दों के बिना गीत का वज़ूद नहीं, मिलिए बोकारो की गीतकार मीनाक्षी भरद्वाज से..
गीत और संगीत के बिना जीवन की कल्पना करना मुश्किल है। गीत हमारी ज़िन्दगी में एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हर परिस्थिति और भावना को दर्शाते हुए गीत हर भाषा में हैं। पर अक्सर हम किसी भी गाने का पूरा श्रेय एक गायक को दे जाते हैं और उस गीतकार को भूल जाते हैं जो अपने शब्दों और भावों से उस गीत को हमारे दिलो-दिमाग पर छाने वाला बना देते हैं। बता दें की किसी भी गीत को तैयार करने में जितनी महत्वपूर्ण भूमिका एक संगीतकार और गायक की होती है, उतनी ही अहम् भूमिका एक गीतकार की भी होती है।
आज हम एक ऐसी ही गीतकार से परिचय कराने जा रहे जिनके शब्दों ने गीत बनकर आप सभी को कभी न कभी मदहोश जरूर किया होगा। हम बात कर रहे हैं बोकारो के सेक्टर-1/B निवासी मिनाक्षी भारद्वाज की, जिन्होंने कई हिंदी और भोजपुरी गीतों को अपने शब्दों से पिरोया है।
मीनाक्षी जब बोकारो इस्पात विद्यालय 1/C से पढाई कर रही थीं, तभी से उन्होंने कविताएं लिखना शुरू कर दिया था। दोस्तों और शिक्षकों के प्रोत्साहित करने पर उन्होंने अपनी कविताओं को गाने का रूप देने का विचार किया। फिर 2008 में उन्हें ‘एग्जामिनेशन फोबिआ’ नाम की पहली शार्ट फिल्म में काम करने का मौका मिला, उनकी लिखे गीत को सराहना मिली और फिर उनका उत्साह भी बढ़ा।
देखिये "एग्जामिनेशन फोबिआ" का प्रोमो..
इसके बाद उन्हें इंडिपेंडेंट वीडियो के लिए ‘बरखा बहार‘ के गीत लिखने का मौका मिला जो भारत ही नहीं बल्कि अमेरिका में भी बहुत सराही गई। ‘दुआ मांगी‘ गाने को भी लोगों ने काफी पसंद किया जिसे यूट्यूब पर 12 लाख लोग अभी तक देख चुके हैं। इस गाने को पंजाबी चैनल्स पर भी खूब दिखाया गया। ‘मुखिया जी के लव स्टोरी’ भोजपुरी में भी काफी लोकप्रिय हुई।
देखिये "दुआ मांगी" का वीडियो..
वहीं मीनाक्षी का लिखा ‘पार्टी के परिंदे’ गाना इतना पॉपुलर हुआ की एक मिलियन से अधिक लोगों ने इसे देखा और zoom चैनल सहित कई म्यूजिक चैनल पर भी प्रसारित किया गया। महाभारत के युधिष्ठिर फेम गजेंद्र चौहान द्वारा बनाई गई डाक्यूमेंट्री मूवी ‘हरण’ के गीत भी मीनाक्षी ने ही लिखे हैं। अभी तक 25 से ज्यादा गीतों को लिख चुकी मीनाक्षी ने आशा भोंसले और जावेद अली के लिए एक सूफी गीत की रचना भी की जो अभी रिलीज़ नहीं हुई।
देखिये ‘पार्टी के परिंदे’ वीडियो..
05 अगस्त 1981 को बोकारो में जन्मी मीनाक्षी के पिता श्री राम प्रकाश सिंह बोकारो इस्पात संयंत्र के सेवनिर्वित कर्मचारी हैं। माँ हीरा देवी पेशे से शिक्षक हैं। प्रारंभिक शिक्षा बोकारो से करने के बाद मीनाक्षी ने पुणे के आईएमसी कॉलेज से 2006 में कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स डिग्री ली। इस दौरान उन्हें "पुणे फिल्म फेस्टिवल" में जाने का मौका मिला, जहाँ उनकी मुलाकात कई बड़े फिल्म पर्सनालिटीज से हुई और अपने आप को गीतकार के रूप में प्रतिष्ठित करने की प्रेरणा मिली।
28 फरवरी 2008 को मिनाक्षी की शादी हाजीपुर के रजौली निवासी हृषिकेश कुमार से हुई जो पेशे से सिविल इंजीनियर हैं। मीनाक्षी अभी आंध्र प्रदेश के कोंडपल्ली में अपने पति और तीन साल के बेटे शिवम् के साथ रह रही हैं। जल्द ही मीनाक्षी के लिखे गीत मनोज बाजपेयी और सनी लियॉन की एक अपकमिंग मूवी में भी होंगे। इसके साथ ही मीनाक्षी के लिखे गीत कुछ और हिंदी फिल्म जैसे "जैक एंड जेनी" और "फ्रेंड- तेरे जैसा यार कहाँ" में भी जल्द सुनाई देंगे।



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