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नियोजन की मांग पर गिरफ्तार फिर रिहा..

पिछले कुछ महीनो से विस्थापितों द्वारा बोकारो स्टील के ऐश पोंड पर चलाये जा रहे अनिश्चित कालीन धरने पर आज जिला प्रशासन ने शक्ति से कार्रवाई की। इस दौरान बोकारो स्टील प्लांट में नियेाजन की मांग को लेकर ऐश पौंड जाम कर धरना दे रहे लगभग 150 विस्थापितों को प्रशासन ने गिरफ्तार कर ऐश पौंड के बाधित काम को चालू करवाया और बोकारो स्टील प्लांट व बोकारो पावर सप्लाई कंपनी में हो रहे संकट को दूर किया। 


गिरफ्तार विस्थापितों को कुमार मंगलम स्टेडियम लाया गया जहाँ से देर शाम उन्हें छोड़ दिया गया। मौके पर विस्थापितों का कहना था की नियोजन की मांग पर बार-बार वार्ता होती है, पर नियोंजन के सवाल सामने आने पर प्रबंधन हमेशा अपने हाँथ खड़े कर लेती है। आरोप यह भी है कि जिला प्रशासन विस्थापितों की न्यायोचित मांगों पर संवदेनशील होने के बजाय बोकारो स्टील प्लंट प्रबंधन के शुभचिंतक की भूमिका में काम करती है और इनका यह प्रयास होता है कि विस्थापितों को किस कदर बरगला कर आंदोलन से अलग हटा दिया जाए।


इधर प्रशासन ने साफ कर दिया कि विस्थापितों का नियेाजन व उनकी समस्या का समाधान बोकारो मैनेजमेंट को करना है। प्रशासन केवल विधि व्यवस्था बनाने की जिम्मेवारी में है। प्रशासन की मानें तो लगभग डेढ़ सौ लोगों को गिरफ्तार कर कैंप जेल भेजा गया है और पिछले कई माह से बंद कराए गए ऐश पौंड के काम को चालू कराया गया।


बता दें की विस्थापित अंदोलनकारियों की वजह से बीएसएल के पावर जेनरेशन प्लांट पर प्रभाव पड़ रहा था और उत्पादन प्रभावित हो रहा था। प्रशासन द्वारा बार-बार के आग्रह के बाद भी आंदोलनकारियों के नहीं समझने पर उन्हें हटाने के लिए गिरफ्तारी की कारवाई की गई। 

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