देश की सुरक्षा में तत्पर सीआरपीएफ का 78वां स्थापना दिवस..
बोकारो में सीआरपीएफ की 26वीं बटालियन कैंपस में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का 78वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस दौरान शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद जवानों ने कमांडेंट अखिलेश सिंह को सलामी दी।
जवानों को संबोधित करते हुए श्री अखिलेश सिंह ने सभी को इस अवसर पर बधाई एंव शुभकामना दी। उन्होंने ये आह्वावन किया कि सीआरपीएफ अपने गौरवमयी इतिहास से प्रेरणा लेकर आगे भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन निष्ठापूर्वक करता रहेगा। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए जवानों के बीच मिठाई बांटी गई।
बता दें की पूरे विश्व में सबसे बड़ा अर्द्धसैन्य बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का आज 78वां स्थापना दिवस है। 27 जुलाई, 1939 में मध्य प्रदेश के मन्दसौर जिला स्थित नीमच में शांती व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्राउन रिप्रजेनटेटिव पुलिस बल की स्थापना हुई। आज़ादी के बाद सन् 1949 में संसद के एक अधिनियम के तहत तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने इसका नाम केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल कर दिया। साथ ही इस पुलिस बल को देश की आंतरिक सुरक्षा और शांति का काम सौंपा गया। तब से हर साल 27 जुलाई का दिन सीआरपीएफ के स्थापवा दिवस के रुप में मनाया जा रहा है। आज तीन लाख से भी ज्यादा संख्या में मौजूद सीआरपीएफ के जांबाज सैन्य बल देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए डट कर खड़े हैं।
ज्ञात हो की सीआरपीएफ 26वीं वाहिनी की कंपनियां बोकारो में दूर-दूर तक सुरक्षा के लिए तैनात है। मौके पर कमांडेन्ट अखिलेश सिंह ने उन सभी कंपनियों का दौरा कर जवानों से मुलाकात की तथा उनका मनोबल बढ़ाया। अधिकारियों ने सीआरपीएफ के शहीद जवानों के परिजनो से उनके आवास पर जा कर मुलाकात की साथ ही उनकी समस्याओं को सुना तथा जल्द से जल्द सहायता प्रदान करने का भी आश्वासन दिया। आज इस अवसर को और खास बनाने के लिए रात के वक्त वाहिनी मुख्यालय चास में सारे भवनों में रोशनी की गई है एवं जवानों समेत सभी बड़े अधिकारी रात्रि भोज में शामिल होंगें।

No comments