दो बच्चों को डूबने से बचाया पर अपनी बेटी को नहीं बचा पायी मुखिया..
बीते शनिवार को बेरमो खटाल स्थित दामोदर नदी में तीन बच्चे नहाने के दौरान नदी में डूब गए, जिनमें से दो बच्चों को बेरमो दक्षिणी पंचायत की मुखिया रूपा देवी ने तैरकर तो बचा लिया, लेकिन उनकी आंखों के सामने ही उनकी अपनी बेटी ममता कुमारी (12) नदी में समा गई। दरअसल शनिवार की दोपहर मुखिया की बेटी ममता सहित अन्य कई बच्चे भी घाट में नहा रहे थे। इसी दौरान मुखिया ने छह वर्षीय चंदन कुमार व सात वर्षीय अंजली कुमारी को पानी में बहते देखा।
मुखिया रूपा देवी ने जब बच्चों को डूबते देखा तो वह नदी में कूद कर चंदन व अंजली को किसी तरह नदी से बाहर सुरक्षित बाहर निकाल लाई, लेकिन इस दौरान वह अपनी बच्ची को नहीं बचा सकीं। जब नदी में ममता का सिर दिखा तो मुखिया ने फिर से नदी में छलांग लगा दी, लेकिन तबतक बच्ची गहरे पानी में समा चुकी थी। ममता को बचाने के प्रयास में मुखिया भी जलधारा में फंस गई, लेकिन आसपास की महिलाओं ने साड़ी फेंक कर उन्हें नदी से बाहर निकाल लिया। ममता का नदी में कोई अतापता नहीं चला।
बाद में घंटों मशक्कत के बाद खेतको और जरीडीह बाजार के गोताखोरों ने ममता का शव नदी से बाहर निकाला। ममता जरीडीह बाजार स्थित मध्य विद्यालय की 7 वीं की छात्रा थी। फिलहाल बेरमो दक्षिणी पंचायत की मुखिया रूपा देवी की दिलेरी की चर्चा बेरमो व आसपास के क्षेत्रों में हो रही है, भले उनका गम लोगों को नहीं दिख रहा। मुखिया ने डूब रहे बच्चों को बचाने में अपनी बच्ची की सुध खो दी। जबतक अपनी डूबती बच्ची को बचाने की सुध आती, तबतक देर हो चुकी थी।


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