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'मध्य भुजा की माप' तकनीक से जुड़े प्रशिक्षण पर हुई चर्चा..

बोकारो के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज झारखण्ड राज्य पोषण मिशन के तहत जिला स्तरीय कुपोषित बच्चों की जांच के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया | जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त श्री राय महिमापत रे ने की | इस कार्यशाला में कुपोषित बच्चों के जांच के लिए 'मध्य भुजा की माप' तकनीक से जुड़े प्रशिक्षण की बात रखी गई |


श्री रे ने दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं सुपरवाइजर सही तरीके से प्रशिक्षण प्राप्त करें तथा प्रखंड स्तर पर आंगनबाड़ी की सेविकाओं एवं सहायिकाओं  को प्रशिक्षित करें | इसके अलावा,आंगनबाड़ी केंद्र सही समय पर खुले और बच्चों की अच्छे ढंग से कुपोषण की जांच हो ये सुनिश्चित करने का निर्देश दिया |


ज्ञात हो कि  'मध्य भुजा की माप' (एम.यू.ए.सी) कुपोषण की जांच करने के लिए एक तरह का टेप होता है  | इस टेप की मदद से आंगनबाड़ी सेविका अपने केंद्र के बच्चों के मध्य भुजा की माप लेती हैं | दिए गए मानक के हिसाब से जिस बच्चे की भुजा की गोलाई छोटी हुई उसे गंभीर कुपोषण की श्रेणी में रखा जाता है  | साथ ही उसे पास के कुपोषण जांच केंद्र में रेफर कर दिया जाता है  |


प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपायुक्त श्री राय महिमापत रे के अलावा इस कार्यशाला में उप विकास आयुक्त श्री दिगेश्वर तिवारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती सुमन गुप्ता, वर्ल्र्ड विजन इण्डिया के प्रतिनिधि श्री कोशी जॉन, श्री सुधाकर, सुश्रि सोनी टोप्पो, श्री अनिल कश्यप,जिला जनसंपर्क पदाधिकारी विकास कुमार हेम्ब्रम सहित सभी प्रखण्डों के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं सुपरवाइजर तथा आंगनबाडी सेविकाओं एवं सहायिकाओं ने हिस्सा लिया ।

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